Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.197.13: भीष्मजी बोले- राजन! कहा जाता है कि काम आदि से बुद्धि दूषित हो जाने पर मनुष्य को अनेक नरकों में जाना पड़ता है, अर्थात् अनेक योनियों में जन्म लेना पड़ता है। जप करना बहुत अच्छा है। उपर्युक्त आसक्ति आदि दोष दूषित बुद्धि के कारण ही मनुष्य में आते हैं। | mahabharat अध्याय 12.197: जापकमें दोष आनेके कारण उसे नरककी प्राप्ति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्मजी बोले- राजन! कहा जाता है कि काम आदि से बुद्धि दूषित हो जाने पर मनुष्य को अनेक नरकों में जाना पड़ता है, अर्थात् अनेक योनियों में जन्म लेना पड़ता है। जप करना बहुत अच्छा है। उपर्युक्त आसक्ति आदि दोष दूषित बुद्धि के कारण ही मनुष्य में आते हैं।
Bhishmaji said- King! It is said that because of the intellect being polluted by lust etc., one will have to go to many hells i.e. take birth in many species. Being a Japa is very good. The above mentioned defects like attachment etc. come in one only because of the polluted intellect.
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि मोक्षधर्मपर्वणि जापकोपाख्याने सप्तनवत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १९७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत मोक्षधर्मपर्वमें जापकका उपाख्यानविषयक एक सौ सत्तानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १९७॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥