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mahabharat 12.194.59: इसे जानकर मनुष्य बुद्धिमान हो जाता है। इसके अतिरिक्त बुद्धिमान पुरुष का और कौन-सा लक्षण है? क्योंकि बुद्धिमान पुरुष उस परम तत्त्व को जानकर ही अपने को कृतार्थ मानते हैं ॥59॥   |   mahabharat अध्याय 12.194: अध्यात्मज्ञानका निरूपण   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 194: अध्यात्मज्ञानका निरूपण  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  12.194.59 
एतद् बुद्‍ध्वा भवेद् बुद्ध: किमन्यद् बुद्धलक्षणम्।
विज्ञाय तद्धि मन्यन्ते कृतकृत्या मनीषिण:॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
इसे जानकर मनुष्य बुद्धिमान हो जाता है। इसके अतिरिक्त बुद्धिमान पुरुष का और कौन-सा लक्षण है? क्योंकि बुद्धिमान पुरुष उस परम तत्त्व को जानकर ही अपने को कृतार्थ मानते हैं ॥59॥
 
Knowing this, a man becomes wise. What other sign does a wise man have apart from this? Because wise men consider themselves accomplished only after knowing the Supreme Reality. ॥ 59॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)