Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.194.53: जैसे मलिन शरीर वाला मनुष्य जल से भरी हुई नदी में स्नान करके शुद्ध हो जाता है, वैसे ही मलिन मन वाला मनुष्य भी इस ज्ञान रूपी नदी में डुबकी लगाकर शुद्ध और ज्ञानवान हो जाता है - ऐसा जान लो ॥ 53॥ | mahabharat अध्याय 12.194: अध्यात्मज्ञानका निरूपण । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे मलिन शरीर वाला मनुष्य जल से भरी हुई नदी में स्नान करके शुद्ध हो जाता है, वैसे ही मलिन मन वाला मनुष्य भी इस ज्ञान रूपी नदी में डुबकी लगाकर शुद्ध और ज्ञानवान हो जाता है - ऐसा जान लो ॥ 53॥
Just as a man with a dirty body becomes clean after bathing in a river full of water, similarly a man with an unclean mind also becomes pure and knowledgeable by taking a dip in this river of knowledge - know this. ॥ 53॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥