Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.194.37: जिसका मन, जो दूर-दूर तक दौड़ता रहता है और संशय तथा कामनाओं से भरा रहता है, भली-भाँति वश में है, वह इस लोक में भी सुखी रहता है और मृत्यु के बाद परलोक में भी सुखी रहता है ॥ 37॥ | mahabharat अध्याय 12.194: अध्यात्मज्ञानका निरूपण । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिसका मन, जो दूर-दूर तक दौड़ता रहता है और संशय तथा कामनाओं से भरा रहता है, भली-भाँति वश में है, वह इस लोक में भी सुखी रहता है और मृत्यु के बाद परलोक में भी सुखी रहता है ॥ 37॥
A person whose mind, which runs far and wide and is full of doubts and desires, is well controlled, is happy in this world as well as in the next after death. ॥ 37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥