Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.194.16: इन सबको तथा प्राणियों की गति-स्थिति को अपनी बुद्धि के बल से जानकर मनुष्य क्रमशः इनका चिन्तन करके उत्तम शान्ति को प्राप्त होता है ॥16॥ | mahabharat अध्याय 12.194: अध्यात्मज्ञानका निरूपण । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन सबको तथा प्राणियों की गति-स्थिति को अपनी बुद्धि के बल से जानकर मनुष्य क्रमशः इनका चिन्तन करके उत्तम शान्ति को प्राप्त होता है ॥16॥
By knowing all these and the state of movement of living beings with the power of his intellect, man gets better peace by thinking about them gradually. 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥