Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.194.15: सब मनुष्यों को अपनी इन्द्रियों (तथा मन-बुद्धि) का ध्यान रखना चाहिए और उनका पूर्ण ज्ञान रखना चाहिए; क्योंकि सत्व, रज और तम ये तीन गुण उनमें आश्रय लेते हैं॥ 15॥ | mahabharat अध्याय 12.194: अध्यात्मज्ञानका निरूपण । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुरुषैरिन्द्रियाणीह वेदितव्यानि कृत्स्नश:।
तमो रजश्च सत्त्वं च तेऽपि भावास्तदाश्रिता:॥ १५॥
अनुवाद
सब मनुष्यों को अपनी इन्द्रियों (तथा मन-बुद्धि) का ध्यान रखना चाहिए और उनका पूर्ण ज्ञान रखना चाहिए; क्योंकि सत्व, रज और तम ये तीन गुण उनमें आश्रय लेते हैं॥ 15॥
All human beings should take care of their senses (and mind-intellect) and have complete knowledge about them; because these three qualities - Sattva, Raja and Tamas - take shelter in them.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥