श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 194: अध्यात्मज्ञानका निरूपण  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  12.194.1 
युधिष्ठिर उवाच
अध्यात्मं नाम यदिदं पुरुषस्येह चिन्त्यते।
यदध्यात्मं यथा चैतत् तन्मे ब्रूहि पितामह॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा - पितामह! वह आध्यात्मिक ज्ञान क्या है जिसे शास्त्रों में मनुष्य के लिए आध्यात्मिक ज्ञान माना गया है और वह कैसा है? कृपया मुझे यह बताइए।
 
Yudhishthira asked - Grandfather! What is that spiritual knowledge which is considered as spiritual knowledge for man in the scriptures and how is it? Please tell me this.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)