Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.193.32: केवल वैदिक विधियों का ही आश्रय लेकर अकेले ही धर्म का पालन करना चाहिए। इसमें किसी की सहायता की आवश्यकता नहीं है। अन्य कोई सहायक क्या करेगा?॥ 32॥ | mahabharat अध्याय 12.193: शिष्टाचारका फलसहित वर्णन, पापको छिपानेसे हानि और धर्मकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
केवल वैदिक विधियों का ही आश्रय लेकर अकेले ही धर्म का पालन करना चाहिए। इसमें किसी की सहायता की आवश्यकता नहीं है। अन्य कोई सहायक क्या करेगा?॥ 32॥
One should follow the religion alone by taking the support of only the Vedic methods. There is no need for help in that. What will any other helper do?॥ 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥