Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.193.3: जो मनुष्य मार्ग में, गायों के बीच या अन्न में मल-मूत्र त्याग नहीं करते, वे श्रेष्ठ माने गए हैं ॥3॥   |   mahabharat अध्याय 12.193: शिष्टाचारका फलसहित वर्णन, पापको छिपानेसे हानि और धर्मकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 193: शिष्टाचारका फलसहित वर्णन, पापको छिपानेसे हानि और धर्मकी प्रशंसा  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  12.193.3 
पुरीषं यदि वा मूत्रं ये न कुर्वन्ति मानवा:।
राजमार्गे गवां मध्ये धान्यमध्ये च ते शुभा:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य मार्ग में, गायों के बीच या अन्न में मल-मूत्र त्याग नहीं करते, वे श्रेष्ठ माने गए हैं ॥3॥
 
Those people who do not excrete stools or urine on the road, among cows or in grains are considered to be superior. ॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)