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mahabharat 12.193.24: सूरज की ओर मुँह करके पेशाब मत करो। अपने मल को मत देखो। अपनी पत्नी के साथ एक ही बिस्तर पर सोना और एक ही थाली में खाना बंद करो।   |   mahabharat अध्याय 12.193: शिष्टाचारका फलसहित वर्णन, पापको छिपानेसे हानि और धर्मकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 193: शिष्टाचारका फलसहित वर्णन, पापको छिपानेसे हानि और धर्मकी प्रशंसा  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  12.193.24 
प्रत्यादित्यं न मेहेत न पश्येदात्मन: शकृत्।
सह स्त्रियाथ शयनं सह भोज्यं च वर्जयेत्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
सूरज की ओर मुँह करके पेशाब मत करो। अपने मल को मत देखो। अपनी पत्नी के साथ एक ही बिस्तर पर सोना और एक ही थाली में खाना बंद करो।
 
Do not urinate facing the sun. Do not look at your feces. Stop sleeping on the same bed with your wife and eating from the same plate.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)