Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.193.14: जो मांस नहीं खाता, उसे यजुर्वेद के मन्त्रों से पवित्र किया हुआ मांस नहीं खाना चाहिए। उसे व्यर्थ मांस तथा श्राद्ध से बचा हुआ मांस भी त्याग देना चाहिए। ॥14॥ | mahabharat अध्याय 12.193: शिष्टाचारका फलसहित वर्णन, पापको छिपानेसे हानि और धर्मकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यजुषा संस्कृतं मांसं निवृत्तो मांसभक्षणात्।
न भक्षयेद् वृथामांसं पृष्ठमांसं च वर्जयेत्॥ १४॥
अनुवाद
जो मांस नहीं खाता, उसे यजुर्वेद के मन्त्रों से पवित्र किया हुआ मांस नहीं खाना चाहिए। उसे व्यर्थ मांस तथा श्राद्ध से बचा हुआ मांस भी त्याग देना चाहिए। ॥14॥
He who does not eat meat should not eat meat that has been sanctified with the mantras of the Yajur Veda. He should also discard the wasted meat and the meat left over from the Shraddha. ॥14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥