हे परम बुद्धिमान राजन! इस प्रकार मैंने जगत की उत्पत्ति के विषय में ये सब बातें तुमसे कही हैं। अब तुम और क्या सुनना चाहते हो?॥27॥
O most intelligent king! Thus have I told you all these things regarding the origin of the world. What more do you want to hear?॥ 27॥
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि मोक्षधर्मपर्वणि भृगुभरद्वाजसंवादे द्विनवत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १९२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत मोक्षधर्मपर्वमें भृगु-भरद्वाजसंवादविषयक एक सौ बानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १९२॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)