न लोभ: परदारेषु स्वदारनिरतो जन:।
नान्योन्यं बध्यते तत्र द्रव्येषु च न विस्मय:।
परो ह्यधर्मो नैवास्ति संदेहो नापि जायते॥ ११॥
अनुवाद
वहाँ किसी को पराई स्त्रियों का लोभ नहीं होता। सब अपनी-अपनी स्त्रियों के प्रति आसक्त रहते हैं। वहाँ के निवासी धन के लिए एक-दूसरे की हत्या नहीं करते। वे किसी को कैद नहीं करते। उन्हें कभी आश्चर्य नहीं होता। वहाँ पाप का नाम भी नहीं है। किसी के मन में कोई संदेह नहीं है॥ 11॥
There, no one has any greed for other's women. Everyone is fond of their own women. The residents there do not kill each other for money. They do not imprison anyone. They are never surprised. There is no mention of sin there. There is no doubt in anyone's mind.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥