Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.190.8: जैसे राहु से पीड़ित होने पर चन्द्रमा की रोशनी नहीं चमकती, वैसे ही अंधकार (अज्ञान और दुःख) से पीड़ित प्राणियों का सुख नष्ट हो जाता है।॥8॥ | mahabharat अध्याय 12.190: सत्यकी महिमा, असत्यके दोष तथा लोक और परलोकके सुख-दु:खका विवेचन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राहुग्रस्तस्य सोमस्य यथा ज्योत्स्ना न भासते।
तथा तमोऽभिभूतानां भूतानां नश्यते सुखम्॥ ८॥
अनुवाद
जैसे राहु से पीड़ित होने पर चन्द्रमा की रोशनी नहीं चमकती, वैसे ही अंधकार (अज्ञान और दुःख) से पीड़ित प्राणियों का सुख नष्ट हो जाता है।॥8॥
Just as the moonlight does not shine when affected by Rahu, similarly the happiness of beings afflicted by darkness (ignorance and sorrow) is destroyed. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥