Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.190.15: पृथ्वी समस्त प्राणियों की माता है। संसार की स्त्रियाँ भी पृथ्वी के समान ही संतानों की माताएँ हैं। वहाँ पुरुष प्रजापति के समान है। पुरुष का वीर्य प्रकाशस्वरूप माना गया है ॥15॥   |   mahabharat अध्याय 12.190: सत्यकी महिमा, असत्यके दोष तथा लोक और परलोकके सुख-दु:खका विवेचन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 190: सत्यकी महिमा, असत्यके दोष तथा लोक और परलोकके सुख-दु:खका विवेचन  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  12.190.15 
पृथिवी सर्वभूतानां जनित्री तद्विधा: स्त्रिय:।
पुमान् प्रजापतिस्तत्र शुक्रं तेजोमयं विदु:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
पृथ्वी समस्त प्राणियों की माता है। संसार की स्त्रियाँ भी पृथ्वी के समान ही संतानों की माताएँ हैं। वहाँ पुरुष प्रजापति के समान है। पुरुष का वीर्य प्रकाशस्वरूप माना गया है ॥15॥
 
Earth is the mother of all living beings. The women of the world are also the mothers of children like the Earth. Man is like Prajapati there. The semen of a man is considered to be the form of light. ॥15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)