Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.190.12: जो इन शारीरिक और मानसिक कष्टों से मुक्त है, वही सुख का अनुभव करता है। स्वर्ग में ये पूर्वोक्त दुःख उत्पन्न नहीं होते। वहाँ निम्नलिखित घटनाएँ घटित होती हैं॥12॥ | mahabharat अध्याय 12.190: सत्यकी महिमा, असत्यके दोष तथा लोक और परलोकके सुख-दु:खका विवेचन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यस्त्वेतै: शारीरमानसैर्दु:खैर्न संस्पृश्यते स सुखं वेद। न चैते दोषा: स्वर्गे प्रादुर्भवन्ति। तत्र खलु भवन्ति॥ १२॥
अनुवाद
जो इन शारीरिक और मानसिक कष्टों से मुक्त है, वही सुख का अनुभव करता है। स्वर्ग में ये पूर्वोक्त दुःख उत्पन्न नहीं होते। वहाँ निम्नलिखित घटनाएँ घटित होती हैं॥12॥
Only he who is free from these physical and mental sufferings experiences happiness. In heaven, these aforementioned sorrows do not arise. The following things happen there.॥12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥