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mahabharat 12.190.1: भृगु जी कहते हैं - मुनि ! सत्य ही ब्रह्म है, सत्य ही तप है, सत्य ही मनुष्यों की सृष्टि है, सत्य पर ही संसार आधारित है और सत्य के प्रभाव से ही मनुष्य स्वर्ग को जाता है॥1॥   |   mahabharat अध्याय 12.190: सत्यकी महिमा, असत्यके दोष तथा लोक और परलोकके सुख-दु:खका विवेचन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.190.1 
भृगुरुवाच
सत्यं ब्रह्म तप: सत्यं सत्यं विसृजते प्रजा:।
सत्येन धार्यते लोक: स्वर्गं सत्येन गच्छति॥ १॥
 
 
अनुवाद
भृगु जी कहते हैं - मुनि ! सत्य ही ब्रह्म है, सत्य ही तप है, सत्य ही मनुष्यों की सृष्टि है, सत्य पर ही संसार आधारित है और सत्य के प्रभाव से ही मनुष्य स्वर्ग को जाता है॥1॥
 
Bhrigu ji says - Muni! Truth is Brahman, truth is penance, truth is the creation of people, the world is based on truth and it is due to the effect of truth that man goes to heaven.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)