Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.19.8: तुम केवल युद्धविद्या के विद्वान हो, तुमने कभी भी बड़ों की संगति में समय नहीं बिताया; इसलिए तुम उन महापुरुषों के सिद्धांतों को नहीं जानते जो धर्म को संक्षेप में तथा विस्तार से जानते हैं ॥8॥ | mahabharat अध्याय 12.19: युधिष्ठिरद्वारा अपने मतकी यथार्थताका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युद्धशास्त्रविदेव त्वं न वृद्धा: सेवितास्त्वया।
संक्षिप्तविस्तरविदां न तेषां वेत्सि निश्चयम्॥ ८॥
अनुवाद
तुम केवल युद्धविद्या के विद्वान हो, तुमने कभी भी बड़ों की संगति में समय नहीं बिताया; इसलिए तुम उन महापुरुषों के सिद्धांतों को नहीं जानते जो धर्म को संक्षेप में तथा विस्तार से जानते हैं ॥8॥
You are only a scholar of warfare; you have never spent your time in the company of elders; therefore, you do not know the principles of those great men who know the Dharma in brief and in detail. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥