Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.19.25: पार्थ! जिन विद्वानों को हम नहीं जान सकते, उन्हें साधारण मनुष्य कैसे जान सकता है? इस प्रकार हमने शास्त्रों के बहुत अच्छे-अच्छे विद्वानों और महापंडितों के विषय में सुना है (जिन्हें पहचानना बहुत कठिन है)।॥ 25॥ | mahabharat अध्याय 12.19: युधिष्ठिरद्वारा अपने मतकी यथार्थताका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पार्थ! जिन विद्वानों को हम नहीं जान सकते, उन्हें साधारण मनुष्य कैसे जान सकता है? इस प्रकार हमने शास्त्रों के बहुत अच्छे-अच्छे विद्वानों और महापंडितों के विषय में सुना है (जिन्हें पहचानना बहुत कठिन है)।॥ 25॥
Parth! How can an ordinary man know those learned men whom we are not able to know? In this way, we have heard of very good scholars of the scriptures and great scholars (whom it is very difficult to recognize).॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥