Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.19.24: तथापि, अनेक विद्वान, वाक्पटु और विद्वान् लोग हैं जो संसार भर में भ्रमण करते हुए सार्वजनिक सभाओं में व्याख्यान देते हैं और उपर्युक्त मिथ्या मतों का खंडन करते हैं। ॥24॥   |   mahabharat अध्याय 12.19: युधिष्ठिरद्वारा अपने मतकी यथार्थताका प्रतिपादन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 19: युधिष्ठिरद्वारा अपने मतकी यथार्थताका प्रतिपादन  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  12.19.24 
अनृतस्यावमन्तारो वक्तारो जनसंसदि।
चरन्ति वसुधां कृत्स्नां वावदूका बहुश्रुता:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
तथापि, अनेक विद्वान, वाक्पटु और विद्वान् लोग हैं जो संसार भर में भ्रमण करते हुए सार्वजनिक सभाओं में व्याख्यान देते हैं और उपर्युक्त मिथ्या मतों का खंडन करते हैं। ॥24॥
 
However, there are many learned, eloquent and erudite people who travel all over the world giving lectures in public gatherings and refuting the above-mentioned false views. ॥24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)