Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.19.2: मैंने शास्त्रों के उन कथनों पर भी तर्क किया है जिनके अर्थ परस्पर विरोधी हैं। मैं वेदों में दोनों प्रकार के कथनों का निश्चित सिद्धांत भी जानता हूँ।॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 12.19: युधिष्ठिरद्वारा अपने मतकी यथार्थताका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आकुलानि च शास्त्राणि हेतुभिश्चिन्तितानि च।
निश्चयश्चैव यो मन्त्रे वेदाहं तं यथाविधि॥ २॥
अनुवाद
मैंने शास्त्रों के उन कथनों पर भी तर्क किया है जिनके अर्थ परस्पर विरोधी हैं। मैं वेदों में दोनों प्रकार के कथनों का निश्चित सिद्धांत भी जानता हूँ।॥ 2॥
I have also reasoned over the statements of the scriptures which have contradictory meanings. I also know the definite principle of both types of statements in the Vedas.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥