Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.19.18: कुछ लोग एकान्त भाव का परित्याग करके नाना संकेतों द्वारा इस पंचतत्वमय शरीर में आत्मा की स्थिति का वर्णन करते हैं जो इच्छा, द्वेष आदि से आसक्त है ॥18॥ | mahabharat अध्याय 12.19: युधिष्ठिरद्वारा अपने मतकी यथार्थताका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुछ लोग एकान्त भाव का परित्याग करके नाना संकेतों द्वारा इस पंचतत्वमय शरीर में आत्मा की स्थिति का वर्णन करते हैं जो इच्छा, द्वेष आदि से आसक्त है ॥18॥
Some people, abandoning the feeling of solitude, through various signs describe the state of the soul in this five-elemental body which is attached to desire, hatred, etc. ॥18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥