Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.19.14: इसके अतिरिक्त जो दक्षिण मार्ग है, जो प्रकाश से पूर्ण कहा गया है, वहाँ के लोक स्वार्थपूर्ण कर्म करने वाले तथा श्मशान में जाने वाले (जन्म-मरण के चक्र में फंसे रहने वाले) गृहस्थों के लिए हैं। | mahabharat अध्याय 12.19: युधिष्ठिरद्वारा अपने मतकी यथार्थताका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसके अतिरिक्त जो दक्षिण मार्ग है, जो प्रकाश से पूर्ण कहा गया है, वहाँ के लोक स्वार्थपूर्ण कर्म करने वाले तथा श्मशान में जाने वाले (जन्म-मरण के चक्र में फंसे रहने वाले) गृहस्थों के लिए हैं।
Besides this, the southern path, which is said to be full of light, the worlds there are meant for the householders who perform selfish actions and who visit the cremation grounds (remain caught in the cycle of birth and death).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥