Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.189.15: जो कुछ इन्द्रियों द्वारा देखा जा सकता है, उसे व्यक्त कहते हैं। जो कुछ केवल अनुमान से देखा जा सकता है, क्योंकि वह इन्द्रियों से परे है, उसे अव्यक्त समझना चाहिए ॥15॥ | mahabharat अध्याय 12.189: चारों वर्णोंके अलग-अलग कर्मोंका और सदाचारका वर्णन तथा वैराग्यसे परब्रह्मकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो कुछ इन्द्रियों द्वारा देखा जा सकता है, उसे व्यक्त कहते हैं। जो कुछ केवल अनुमान से देखा जा सकता है, क्योंकि वह इन्द्रियों से परे है, उसे अव्यक्त समझना चाहिए ॥15॥
Whatever can be perceived by the senses is called manifest. Whatever can be perceived only by inference because it is beyond the senses, should be considered unmanifest. ॥15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥