जो विद्वान पुरुष संयमपूर्वक भोजन करता है और रात्रि के प्रथम और अंतिम प्रहर में सदैव ध्यान करता है, उसका अन्तःकरण शुद्ध हो जाने पर वह अपने हृदय में आत्मा का साक्षात्कार करता है ॥29॥
A learned person who eats in moderation and always practices meditation in the first and last hours of the night, after his conscience is purified, realises the Self in his heart. ॥ 29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥