Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.187.24: तुम उस विशेषज्ञ को आत्मा ही समझो। वह सम्पूर्ण जगत का उपकार करने वाला है। इस शरीर में रहते हुए भी वह वास्तव में इससे पृथक है, जैसे कमल के पत्ते पर पड़ी हुई जल की बूँद। 24॥ | mahabharat अध्याय 12.187: जीवकी सत्ता तथा नित्यताको युक्तियोंसे सिद्ध करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तुम उस विशेषज्ञ को आत्मा ही समझो। वह सम्पूर्ण जगत का उपकार करने वाला है। इस शरीर में रहते हुए भी वह वास्तव में इससे पृथक है, जैसे कमल के पत्ते पर पड़ी हुई जल की बूँद। 24॥
You should consider the expert as a soul. He is beneficial to the entire world. Despite living in this body, he is actually separate from it, like a drop of water lying on a lotus leaf. 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥