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mahabharat 12.187.13: रक्त, मांस, मेद, स्नायु और हड्डियों का संग्रह यह शरीर यदि काट-फाड़ भी दिया जाए, तो भी इसके भीतर कोई जीव नहीं पाया जाता ॥13॥   |   mahabharat अध्याय 12.187: जीवकी सत्ता तथा नित्यताको युक्तियोंसे सिद्ध करना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 187: जीवकी सत्ता तथा नित्यताको युक्तियोंसे सिद्ध करना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  12.187.13 
मांसशोणितसंघाते मेद:स्नाय्वस्थिसंचये।
भिद्यमाने शरीरे तु जीवो नैवोपलभ्यते॥ १३॥
 
 
अनुवाद
रक्त, मांस, मेद, स्नायु और हड्डियों का संग्रह यह शरीर यदि काट-फाड़ भी दिया जाए, तो भी इसके भीतर कोई जीव नहीं पाया जाता ॥13॥
 
Even if this body which is a collection of blood and flesh, fat, nerves and bones is cut and torn, no living being is found inside it. ॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)