श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 187: जीवकी सत्ता तथा नित्यताको युक्तियोंसे सिद्ध करना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  12.187.11 
भरद्वाज उवाच
यद्यग्निमारुतौ भूमि: खमापश्च शरीरिषु।
जीव: किंलक्षणस्तत्रेत्येतदाचक्ष्व मेऽनघ॥ ११॥
 
 
अनुवाद
भारद्वाज ने पूछा - निष्पाप ऋषिवर! यदि देहधारियों के शरीर में अग्नि, वायु, पृथ्वी, आकाश और जल तत्त्व ही विद्यमान हैं, तो उनमें रहने वाले प्राणियों के क्या-क्या लक्षण हैं? यह मुझे बताइए। 11॥
 
Bharadwaja asked – Sinless sage! If only fire, air, earth, sky and water elements are present in the bodies of embodied beings, then what are the characteristics of the living beings living in them? Tell me this. 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)