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mahabharat 12.186.4: यदि जीव वायु में है, वायु के साथ उसका निकट संपर्क है, तो उसे वायुमंडल के समान प्रत्यक्ष अनुभव होना चाहिए। मृत्यु के पश्चात उसे वायु के साथ जाता हुआ देखना चाहिए। 4॥   |   mahabharat अध्याय 12.186: जीवकी सत्तापर नाना प्रकारकी युक्तियोंसे शंका उपस्थित करना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 186: जीवकी सत्तापर नाना प्रकारकी युक्तियोंसे शंका उपस्थित करना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  12.186.4 
यदि वायुमयो जीव: संश्लेषो यदि वायुना।
वायुमण्डलवद् दृश्यो गच्छेत् सह मरुद्‍गणै:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
यदि जीव वायु में है, वायु के साथ उसका निकट संपर्क है, तो उसे वायुमंडल के समान प्रत्यक्ष अनुभव होना चाहिए। मृत्यु के पश्चात उसे वायु के साथ जाता हुआ देखना चाहिए। 4॥
 
If the living being is airborne, if it has close contact with the air, then it should be directly experienced like the atmosphere. After death he should be seen going with the wind. 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)