श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 186: जीवकी सत्तापर नाना प्रकारकी युक्तियोंसे शंका उपस्थित करना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  12.186.3 
जन्तो: प्रमीयमाणस्य जीवो नैवोपलभ्यते।
वायुरेव जहात्येनमूष्मभावश्च नश्यति॥ ३॥
 
 
अनुवाद
जब प्राणी मर जाता है, तब प्राण नहीं बचते। प्राण प्राणी से निकल जाते हैं और शरीर की गर्मी नष्ट हो जाती है। ॥3॥
 
When a creature dies, there is no soul left. The life force leaves the creature and the heat of the body is destroyed. ॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)