Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.186.11: मृत्यु के समय लोग इस आशा से गौ दान करते हैं कि यह गाय परलोक में हमारा उद्धार करेगी; परन्तु गौ दान करने के बाद जीव मर जाता है; फिर वह गाय किसका उद्धार करेगी?॥11॥   |   mahabharat अध्याय 12.186: जीवकी सत्तापर नाना प्रकारकी युक्तियोंसे शंका उपस्थित करना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 186: जीवकी सत्तापर नाना प्रकारकी युक्तियोंसे शंका उपस्थित करना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  12.186.11 
एषा गौ: परलोकस्थं तारयिष्यति मामिति।
यो दत्त्वा म्रियते जन्तु: सा गौ: कं तारयिष्यति॥ ११॥
 
 
अनुवाद
मृत्यु के समय लोग इस आशा से गौ दान करते हैं कि यह गाय परलोक में हमारा उद्धार करेगी; परन्तु गौ दान करने के बाद जीव मर जाता है; फिर वह गाय किसका उद्धार करेगी?॥11॥
 
At the time of death people donate cows with the hope that this cow will save them in the next world; but after donating the cow the soul dies; then whom will that cow save?॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)