Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.185.3: आत्मा सिर के रोमछिद्रों में स्थित होकर सम्पूर्ण शरीर की रक्षा करती है और प्राण सिर और अग्नि दोनों में स्थित होकर शरीर को क्रियाशील बनाता है ॥3॥ | mahabharat अध्याय 12.185: शरीरके भीतर जठरानल तथा प्राण-अपान आदि वायुओंकी स्थिति आदिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आत्मा सिर के रोमछिद्रों में स्थित होकर सम्पूर्ण शरीर की रक्षा करती है और प्राण सिर और अग्नि दोनों में स्थित होकर शरीर को क्रियाशील बनाता है ॥3॥
The soul, being situated in the pores of the head, protects the entire body and the prana, being situated in both the head and the fire, makes the body active. 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥