जल, अग्नि और वायु- ये तीन तत्त्व देहधारियों में सदैव क्रियाशील रहते हैं। ये शरीर के आधार हैं और प्राण से व्याप्त होकर शरीर में स्थित रहते हैं॥ 44॥
Water, fire and air-these three elements are always active in embodied beings. These are the basis of the body and remain in the body being permeated with life.॥ 44॥
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि मोक्षधर्मपर्वणि भृगुभरद्वाजसंवादे चतुरशीत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १८४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत मोक्षधर्मपर्वमें भृगु-भरद्वाजसंवादविषयक एक सौ चौरासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १८४॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥