श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 184: पञ्चमहाभूतोंके गुणोंका विस्तारपूर्वक वर्णन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  12.184.20 
त्वक् च मांसं तथास्थीनि मज्जा स्नायुश्च पञ्चमम्।
इत्येतदिह संघातं शरीरे पृथिवीमयम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
शरीर में त्वचा, मांस, अस्थि, मज्जा और स्नायु - इन पाँचों वस्तुओं का समुदाय पार्थिव है । 20॥
 
The community of these five things in the body – skin, flesh, bones, marrow and nerves – is earthly. 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)