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श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 183: आकाशसे अन्य चार स्थूल भूतोंकी उत्पत्तिका वर्णन  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  12.183.8 
तेषां ब्रह्ममयी वाणी सर्वेषां श्रोत्रमागमत्।
दिव्या सरस्वती तत्र सम्बभूव नभस्तलात्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
उस ध्यानावस्था में उन सभी ने ब्रह्मा की दिव्य वाणी सुनी। उसी समय आकाश से देवी सरस्वती प्रकट हुईं।
 
In that state of meditation, they all heard the divine voice of Brahma. At that time, the divine Saraswati appeared from the sky. 8.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)