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mahabharat 12.183.2: भृगु बोले - मानसदेव ने अपने मन के संकल्प से नाना प्रकार के प्राणियों की रचना की है। प्राणियों की रक्षा के लिए उन्होंने सबसे पहले जल की रचना की॥2॥   |   mahabharat अध्याय 12.183: आकाशसे अन्य चार स्थूल भूतोंकी उत्पत्तिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 183: आकाशसे अन्य चार स्थूल भूतोंकी उत्पत्तिका वर्णन  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  12.183.2 
भृगुरुवाच
प्रजाविसर्गं विविधं मानसो मनसासृजत्।
संरक्षणार्थं भूतानां सृष्टं प्रथमतो जलम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
भृगु बोले - मानसदेव ने अपने मन के संकल्प से नाना प्रकार के प्राणियों की रचना की है। प्राणियों की रक्षा के लिए उन्होंने सबसे पहले जल की रचना की॥2॥
 
Bhrigu said - Manasdev has created various types of creatures by his mental resolve. He first created water to protect the living beings.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)