Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.183.14: वायु और जल के उस संघर्ष से एक अत्यन्त तेजस्वी और शक्तिशाली अग्निदेव प्रकट हुए, जिनकी ज्वालाएँ ऊपर की ओर उठ रही थीं। वह अग्नि आकाश के समस्त अंधकार को नष्ट करके प्रकट हुई॥14॥ | mahabharat अध्याय 12.183: आकाशसे अन्य चार स्थूल भूतोंकी उत्पत्तिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वायु और जल के उस संघर्ष से एक अत्यन्त तेजस्वी और शक्तिशाली अग्निदेव प्रकट हुए, जिनकी ज्वालाएँ ऊपर की ओर उठ रही थीं। वह अग्नि आकाश के समस्त अंधकार को नष्ट करके प्रकट हुई॥14॥
‘From that conflict between air and water, a very radiant and powerful Agnidev appeared, whose flames were rising upwards. That fire appeared after destroying all the darkness of the sky.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥