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mahabharat 12.182.9: जीवों की आत्मा कैसी होती है? जो मर गए हैं वे कहाँ जाते हैं? तथा यह लोक और परलोक कैसा है? कृपा करके मुझे यह सब बताइए।॥9॥   |   mahabharat अध्याय 12.182: भरद्वाज और भृगुके संवादमें जगत‍् की उत्पत्तिका और विभिन्न तत्त्वोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.182.9 
कीदृशो जीवतां जीव: क्व वा गच्छन्ति ये मृता:।
परलोकमिमं चापि सर्वं शंसितुमर्हसि॥ ९॥
 
 
अनुवाद
जीवों की आत्मा कैसी होती है? जो मर गए हैं वे कहाँ जाते हैं? तथा यह लोक और परलोक कैसा है? कृपा करके मुझे यह सब बताइए।॥9॥
 
'What is the soul of living beings like? Where do those who have died go? And what is this world and the next world like? Kindly tell me all this.'॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)