Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.182.30: अग्नि, वायु, जल और पृथ्वी - इनके रंग और रूप आकाश से उत्पन्न हैं; अतः ये उससे भिन्न नहीं हैं। केवल सत्य ज्ञान के अभाव में ही इनमें भेद दिखाई देता है। | mahabharat अध्याय 12.182: भरद्वाज और भृगुके संवादमें जगत् की उत्पत्तिका और विभिन्न तत्त्वोंका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अग्नि, वायु, जल और पृथ्वी - इनके रंग और रूप आकाश से उत्पन्न हैं; अतः ये उससे भिन्न नहीं हैं। केवल सत्य ज्ञान के अभाव में ही इनमें भेद दिखाई देता है।
Fire, air, water and earth- their colours and forms are derived from the sky; hence they are not different from it. It is only due to lack of true knowledge that differences are perceived among them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥