Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.182.24: जहाँ सूर्य और चन्द्रमा दिखाई नहीं देते, वहाँ ऊपर-नीचे जाकर सूर्य और अग्नि के समान तेजस्वी देवता अपने-अपने प्रकाश से प्रकाशित होते हैं ॥24॥   |   mahabharat अध्याय 12.182: भरद्वाज और भृगुके संवादमें जगत‍् की उत्पत्तिका और विभिन्न तत्त्वोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 182: भरद्वाज और भृगुके संवादमें जगत‍् की उत्पत्तिका और विभिन्न तत्त्वोंका वर्णन  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  12.182.24 
ऊर्ध्वं गतेरधस्तात्तु चन्द्रादित्यौ न दृश्यत:।
तत्र देवा: स्वयं दीप्ता भास्वराभाग्निवर्चस:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
जहाँ सूर्य और चन्द्रमा दिखाई नहीं देते, वहाँ ऊपर-नीचे जाकर सूर्य और अग्नि के समान तेजस्वी देवता अपने-अपने प्रकाश से प्रकाशित होते हैं ॥24॥
 
By going up and down where the sun and the moon are not visible, there the gods as radiant as the sun and the fire shine forth with their own light. ॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)