Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.182.21: वे ही समस्त प्राणियों की उत्पत्ति के लिए स्वाभाविक अहंकार उत्पन्न करने वाले हैं। इस जगत की उत्पत्ति के विषय में तुमने मुझसे जो कुछ पूछा था, वह मैंने तुम्हें बता दिया है।॥21॥ | mahabharat अध्याय 12.182: भरद्वाज और भृगुके संवादमें जगत् की उत्पत्तिका और विभिन्न तत्त्वोंका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे ही समस्त प्राणियों की उत्पत्ति के लिए स्वाभाविक अहंकार उत्पन्न करने वाले हैं। इस जगत की उत्पत्ति के विषय में तुमने मुझसे जो कुछ पूछा था, वह मैंने तुम्हें बता दिया है।॥21॥
He is the one who creates the natural ego for the creation of all beings. Whatever you asked me about the origin of this universe, I have told you that. ॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥