Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.182.18: वायु निःश्वसन है, अग्नि प्रकाश है, नदियाँ शिराएँ हैं, सूर्य और चन्द्रमा, जिन्हें अग्नि और सोम भी कहते हैं, ब्रह्मा के नेत्रों के रूप में प्रसिद्ध हैं॥18॥ | mahabharat अध्याय 12.182: भरद्वाज और भृगुके संवादमें जगत् की उत्पत्तिका और विभिन्न तत्त्वोंका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वायु निःश्वसन है, अग्नि प्रकाश है, नदियाँ शिराएँ हैं, सूर्य और चन्द्रमा, जिन्हें अग्नि और सोम भी कहते हैं, ब्रह्मा के नेत्रों के रूप में प्रसिद्ध हैं॥18॥
Vayu is the exhaled breath, Agni is the light, the rivers are the veins, the Sun and the Moon, also known as Agni and Som, are renowned as the eyes of Brahma.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥