Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.18.8: हे मनुष्यों के स्वामी! आपकी प्रतिज्ञा कुछ और थी, परन्तु आपके कर्म कुछ और ही प्रतीत होते हैं। हे राजन! आपने अपना विशाल राज्य छोड़कर एक छोटी सी वस्तु पर समझौता कर लिया। | mahabharat अध्याय 12.18: अर्जुनका राजा जनक और उनकी रानीका दृष्टान्त देते हुए युधिष्ठिरको संन्यास ग्रहण करनेसे रोकना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे मनुष्यों के स्वामी! आपकी प्रतिज्ञा कुछ और थी, परन्तु आपके कर्म कुछ और ही प्रतीत होते हैं। हे राजन! आपने अपना विशाल राज्य छोड़कर एक छोटी सी वस्तु पर समझौता कर लिया।
‘O Lord of men! Your promise was something else but your actions seem to be something else. O King! You left your huge kingdom and settled for a small thing.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥