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mahabharat 12.18.22: हे राजन! यदि आप मुझ पर कृपालु हैं तो इस पृथ्वी पर राज्य करें तथा राजमहल, शय्या, वाहन, वस्त्र और आभूषणों का भी उपभोग करें॥ 22॥   |   mahabharat अध्याय 12.18: अर्जुनका राजा जनक और उनकी रानीका दृष्टान्त देते हुए युधिष्ठिरको संन्यास ग्रहण करनेसे रोकना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 18: अर्जुनका राजा जनक और उनकी रानीका दृष्टान्त देते हुए युधिष्ठिरको संन्यास ग्रहण करनेसे रोकना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  12.18.22 
प्रशाधि पृथिवीं राजन् यदि तेऽनुग्रहो भवेत्।
प्रासादं शयनं यानं वासांस्याभरणानि च॥ २२॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! यदि आप मुझ पर कृपालु हैं तो इस पृथ्वी पर राज्य करें तथा राजमहल, शय्या, वाहन, वस्त्र और आभूषणों का भी उपभोग करें॥ 22॥
 
'O King! If you are kind to me then rule this earth and also use the royal palace, bed, vehicle, clothes and ornaments.॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)