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mahabharat 12.18.11: तीनों वेदों के ज्ञान में पारंगत हजारों ब्राह्मणों का पालन करने वाले तथा सम्पूर्ण जगत को धारण करने वाले होते हुए भी आज आप चाहते हैं कि वे आपका ही पालन करें।   |   mahabharat अध्याय 12.18: अर्जुनका राजा जनक और उनकी रानीका दृष्टान्त देते हुए युधिष्ठिरको संन्यास ग्रहण करनेसे रोकना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.18.11 
यस्त्वं त्रैविद्यवृद्धानां ब्राह्मणानां सहस्रश:।
भर्ता भूत्वा च लोकस्य सोऽद्य तैर्भृतिमिच्छसि॥ ११॥
 
 
अनुवाद
तीनों वेदों के ज्ञान में पारंगत हजारों ब्राह्मणों का पालन करने वाले तथा सम्पूर्ण जगत को धारण करने वाले होते हुए भी आज आप चाहते हैं कि वे आपका ही पालन करें।
 
'Despite being the one who supports thousands of Brahmins who are well versed in the knowledge of the three Vedas and the one who supports the entire world, today you want them to support you.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)