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श्लोक  12.18.10 
देवतातिथिभिश्चैव पितृभिश्चैव पार्थिव।
सर्वैरेतै: परित्यक्त: परिव्रजसि निष्क्रिय:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे पृथ्वी के स्वामी! सभी देवताओं, अतिथियों और पितरों द्वारा त्याग दिए जाने के कारण आप निष्क्रिय होकर अपना घर छोड़ रहे हैं।
 
'Lord of the Earth! Forsaken by all the gods, guests and forefathers, you are leaving your home being inactive.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)