Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.177.5: मानकी ने पैसे जुटाने के कई तरीके आज़माए, लेकिन हर बार उसकी कोशिशें बेकार गईं। आखिरकार, जब बहुत कम पैसे बचे, तो उसने उनसे दो नए बछड़े खरीदे। | mahabharat अध्याय 12.177: मङ्किगीता—धनकी तृष्णासे दु:ख और उसकी कामनाके त्यागसे परम सुखकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मानकी ने पैसे जुटाने के कई तरीके आज़माए, लेकिन हर बार उसकी कोशिशें बेकार गईं। आखिरकार, जब बहुत कम पैसे बचे, तो उसने उनसे दो नए बछड़े खरीदे।
Manki tried many ways to get money, but every time his efforts were in vain. Finally, when very little money was left, he used it to buy two new calves.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥