अब मैं कामना और लोभ का त्याग करके प्रत्यक्ष सुखी हो गया हूँ; अतः इन्द्रियों को वश में करने वाले पुरुष की भाँति अब मैं लोभ में फँसकर दुःख नहीं उठाऊँगा॥ 47॥
‘Having now renounced desire and greed, I have become visibly happy; therefore, like a man who has conquered his senses, I will no longer suffer by being entangled in greed.॥ 47॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥