मैं सदैव संतुष्ट रहूँगा, स्वस्थ इन्द्रियों से युक्त रहूँगा और जो कुछ संयोग से मिल जाए, उसी से जीवन निर्वाह करूँगा; परन्तु मैं तुम्हें कभी सफल नहीं होने दूँगा; क्योंकि तुम मेरे शत्रु हो॥ 44॥
‘I will always be content and endowed with healthy senses and will continue to live on whatever I get by chance; but I will never let you succeed; because you are my enemy.॥ 44॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥