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श्लोक  12.177.37 
अर्थलोलुपता दु:खमिति बुद्धं चिरान्मया।
यद् यदालम्बसे काम तत्तदेवानुरुध्यसे॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
धन का लोभ ही दुःख का कारण है, यह बात मुझे बहुत समय बाद समझ में आई है। काम! तू जिसकी भी शरण लेता है, अन्त में उसी के पीछे भागता है। 37।
 
‘Greed for money is the cause of misery, I have realized this after a long time. Kama! Whomsoever you take shelter of, you end up chasing them. 37.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)